कम उम्र में मदिरा पीना

कम उम्र में शराब पीने का अर्थ है शराब पीने की कानूनी उम्र 21 वर्ष से कम आयु में शराब पीना। कम उम्र में शराब पीना एक जोखिम है जिसकी ओर बहुत सारे किशोर और नए युवा आकर्षित होते हैं। जब कम उम्र के युवा शराब पीते हैं तो उन्हें शराब के कारण उनके जीवन, परिवार और उनके समाज में होने वाले संभावित दुष्प्रभावों का अंदाजा

किशोरवय के युवा क्यों ड्रिंक करते हैं?

गुणवत्तापूर्ण शोधकार्यों से ज्ञात होता है कि कम आयु में ड्रिंक करने के कई सारे कारण हैं और सामाजिक परिस्थितियों में प्रतीकात्मक तथा वास्तविक रूप से शराब की विभिन्न भूमिकाएं हो सकती हैं; यह एक ‘वयस्क’ व्यवहार का दिखावा करने या नकल करने का एक आसान सवाल भर नहीं है।
एक अभिभावक के तौर पर यह समझना महत्वपूर्ण है कि बच्चे शराब क्यों पी सकते हैं जिससे कि आप अपने बच्चे को समझदारीपूर्ण विकल्पों के लिए समझा सकते हैं।

बच्चे तब भी शराब के लिए तैयार हो जाते हैं यद्यपि उन्होंने अपने प्रथम अनुभव में इसे अरुचिकर पाया हो। हो सकता है कि उन्हें इसका स्वाद या इसके असर से होनेवाली अनुभूति अच्छी न लगी हो, फिर भी वे अक्सर इससे मुंह नहीं मोड़ते। उनके लिए कम वय में शराब पीने के खतरों के बारे में जानना महत्वपूर्ण है, लेकिन वे आपकी बातें तबतक न सुनेंगे, न मानेंगे, जबतक आपको पहले से ही शराब की बुराइयों और लोगों के शराब पीने के कारणों का पता न हो।

जोखिम उठाना —शोधों से पता चलता है कि बीस की उम्र में मस्तिष्क अच्छी तरह विकसित होने की प्रक्रिया में रहता है, जिस समय यह महत्वपूर्ण संप्रेषण संपर्क माध्यम स्थापित करता रहता है और इसके अलावा इसके कार्यों में परिष्कार होता रहता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह विस्तृत विकासात्मक अवधि किशोरवय के लक्षणात्मक कुछ व्यवहारों की व्याख्या करने में सहायक हो सकती है- जैसे नई और संभावित रूप से जोखिमपूर्ण परिस्थियां झेलने के प्रति उनका रुझान। कुछ अल्पवयस्कों के लिए, रोमांच का आनंद लेने की इच्छा में शराब का अनुभव लेने का प्रयोग शामिल हो सकता है। विकासात्मक परिवर्तन भी एक संभावित मनोवैज्ञानिक व्याख्या प्रदान करते हैं कि अल्पवय के युवा ऐसे आवेगपूर्ण कार्य क्यों करते हैं, प्रायः बिना यह समझे कि उनके इस कार्य- जैसे ड्रिंक करना- के क्या परिणाम होंगे।

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