शराब पीकर गाड़ी चलाना

लेख पर लौटने के लिए यहां क्लिक करें

Untitled-1

यह किसी के साथ भी हो सकता है। आपके साथ भी। आप अपने दोस्त की पार्टी में जाते हैं, दोस्तों से मिलते हैं, हंसते हैं और मस्ती भरे समय बिताते हैं। फिर वापस घर लौटने का समय आता है। आप लड़खड़ाते हुए कार तक आते हैं, ड्राइविंग सीट पर बैठते हैं। खुद को समझाते हैं कि आपने पी नहीं रखी है, बस थोड़ी मस्ती में हैं। आखिर, आपने कुछ ही तो ड्रिंक लिए थे। आपके टकरा जाने के लिए इतना काफी नहीं।

लेकिन आप बिल्कुल गलत हैं।

शराब आपके ऊपर ऐसा प्रभाव डालती है कि आप न केवल गहराई और दूरी का अंदाजा लगाने में गड़बड़ा जाते हैं बल्कि सुरक्षित ड्राइव करने के लिए जिस महत्वपूर्ण मोटर स्किल की आवश्यकता होती है वह भी प्रभावित हो जाती है। यह सोचना बहुत सामान्य बात है कि आप सामान्य तरीके से गाड़ी चला रहे हैं, लेकिन दरअसल ऐसा होता नहीं है।

इन बातों पर विचार करें:

* एक हालिया सर्वे में पाया गया है कि मुंबई और दिल्ली जैसे महानगरों में शराब पीकर गाड़ी चलाने की घटनाएं देश भर में सबसे अधिक होती हैं। इन्हीं महानगरों में सबसे अधिक पार्टियां भी आयोजित होती हैं।

* अनुमान है कि पिछले पांच सालों में शराब पीकर गाड़ी चलाने के मामलों में अभियोग चलाने की दर 16 गुना अधिक हुई है। सांस की जांच करने वाली सुविधा से लैस पुलिसकर्मी अब आपको कहीं भी मिल सकते हैं।

* सड़क दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण शराब पीकर गाड़ी चलाना होता है। और भारत में ऐसी दुर्घटनाएं दुनिया में सबसे अधिक होती हैं। इनकी संख्या में हर साल इजाफा होता जा रहा है।